बच्चों की कहानीयां , Kids Story, सुनहरी चिड़िया का जन्मदिन

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“सुनहरी चिड़िया का जन्मदिन”

एक समय की बात है | एक बगीचे मे आम, अनार, जामुन और मीठे – मीठे फलों के बहुत सारे पेड़ थे | उन पेड़ो पर बहुत सरे पक्षियों ने घोंसला बना रखा था |

सुनहरी चिड़िया और सभी पक्षी पदों के मीठे – मीठे फल खाते और मधुर शंगीत गाते थे | आम के पेड़ पर भी बहुत सारे पक्षियों के घोंसले थे |

उसी पेड़ के तने मे एक बड़ा सा छेद था, जिसमे सुनहरी चिड़िया अपने चिरोटे के साथ रहा करती थी | सर्दियों का मौसम बीत चुका था और गर्मियां आने वाली थी |

आम के पेड़ पर बहुत सारे खट्टे – मीठे आम आ चुके थे | एक दिन सुनहरी चिड़िया – चिरोटे के साथ अपने घर मे बैठे बात कर रहे थे |

सुनहरी चिड़िया ने चिरोटे से कहा कि आजकल मौसम बहुत अच्छा है और पेड़ो पर बहुत सारे फल भी लगे हुए है |

मेरा जन्मदिन आ रहा है, क्यों ना हम  सभी पक्षियों को जन्मदिन पर बुलाए और मीठे -मीठे फलों की दावत करे |

चिरोटे को सुनहरी चिड़िया की यह बात सुनकर बहुत अच्छा लगा |

चिरोटा बोला – हाँ क्यों नही? सभी लोग आएंगे, सब लोग मिलकर  मीठे – मीठे फल खायेंगे और मिल – जुलकर मौज करेंगे |

सुनहरी चिड़िया ने अपने सभी मित्रों को दावत के लिये नमंत्रण दे दिया |

कोयल बोली – में तुम्हारे जन्मदिन पर गाना गाऊँगी | मोर ने बोला – में तुम्हारे जन्मदिन पर नाचूँगा | मैना और गौरैया बोलीं – हम पार्टी की तैयारी करेंगे और सजावट करेंगे |

अगले दिन मैना और गौरैया आ गयी और उन्होंने उस बड़े से पेड़ के नीचे पार्टी के लिये सारी जगह को सजा दिया |

सुनहरी चिड़िया और चिरोटे ने खानेके लिये बहुत सारे मीठे – मीठे फल इकट्ठे कर लिये |

 

मीठे – मीठे आम, जामुन, खट्टे – मीठें अंगूर और बहुत सारे बेर| सुनहरी चिड़िया ने सबके लिये खीर बनायीं | वहीँ आम के पेड़ की उंची डाल पर एक कौवा रहता था |

वह बार – बार झांककर यह सब देख रहा था | तभी सभी पक्षी जन्मदिन की दावत खाने के लिये आने लगे | पहले कोयल आई , फिर मोर , मैना और गौरैया आये |

कौवा बोला काँव काँव में भी हूँ | सुनहरी चिड़िया ने कौवे की आवाज सुनी तो उसने चिरोटे से बोला कि तुमने कौवे को जन्मदिन पर नही बुलाया? वह भी हमारा पडोसी है और इसी पेड़ पर रहता है !

यह सुनकार चिरौटा बोला – नही मैंने उसे नही बुलाया क्युकी वो किसी की मदद नही करता है | बल्कि अपनी कांव कांव कि आवाज से सबको डराता रहता है, झपट्टे मरता है और झगडा भी करता है |

मैं उसे नही बुलाऊंगा | उधर पार्टी शुरू हो गयी और कोयल ने गाना गाना शुरू कर दिया , मैना ढोलक बजाने लगी और मोर नाचने लगा |

कौवा बार – बार झांककर यह सब देख रहा था | कौवा बोला – कांव कांव , कोई आया है | सुनहरी चिड़िया बोली – देखो कौवा मेहमानों के आने की सूचना दे रहा है |

वह भी हमारी मदद कर रहा है उसे भी बुलालो ना प्लीज | तभी बुलबुल आ गयी |

यह सब देख चिरोटे ने कौवे को बुला लिया | अब कौवा भी उन सबका मित्र बन गया था |

कौवे ने खीर खायी और फिर सब मिल कर खूब नांचे | इस तरह सुनहरी चिड़िया ने सबके साथ मिलकर पार्टी मे खूब मजे किये |  

बच्चों की कहानीयां से सीख : हमें कभी दूसरो के बारे मे गलत धारणा नही रखनी चाहिए, बल्कि सबके साथ मिल जुल कर रहना चाहिए | 


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